तू जिगरी दोस्त है मेरा, और यही सच्चाई होती है।
क्योंकि हमारी दोस्ती की क़ैद में जमानत नहीं होती
न चाहत, न मोहब्बत, बस तेरी दोस्ती चाहिए,
कोई निभाने वाला हो तो दुनिया याद करती है।
शायद उन्हें कोई दोस्त तुम-सा नहीं मिलता।
“तेरी दोस्ती फूलों सी महकती, हर लम्हा दिल को भाती।”
“यारी में नकली हंसी भी प्यारी, जब यार के साथ हो सारी।”
पर उन्हें शायद कोई मतलब था सिर्फ जरूरत से।
सच्ची दोस्ती का मतलब सिर्फ साथ होना नहीं होता,
“दोस्ती में दारू काम नहीं आती, बस दोस्त की पगड़ी बचानी पड़ती है।”
दोस्ती खून के रिश्तों से बड़ी होती है।
जिगरी दोस्ती का रिश्ता Dosti Shayari सबसे बड़ा गोल है।
क्योंकि हमारी यारी में कभी दूरी नहीं है।
अपना तो आशियाना दोस्तों के दिल में है।